By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Girish GururaniGirish GururaniGirish Gururani
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • हमारा हिमालय
  • हिमाचल
  • घटनाक्रम
  • किस्सा कोना
  • राजरंग
  • शब्द-सरोवर
  • सुर-बेसुर
  • सैर सपाटा
  • वीडियो
  • More
    • शिक्षा
    • लोकमंच
  • संपर्क करे
Search
© 2026, Girish Gururani Website Developed & Maintained by Tech Yard Labs
Reading: पानी में नशा
Share
Font ResizerAa
Girish GururaniGirish Gururani
Search
  • होम
  • हमारा हिमालय
  • हिमाचल
  • घटनाक्रम
  • किस्सा कोना
  • राजरंग
  • शब्द-सरोवर
  • सुर-बेसुर
  • सैर सपाटा
  • वीडियो
  • More
    • शिक्षा
    • लोकमंच
  • संपर्क करे
Follow US
Girish Gururani > Blog > शब्द-सरोवर > पानी में नशा
शब्द-सरोवर

पानी में नशा

Girish Gururani
Last updated: May 22, 2026 9:34 am
Girish Gururani
Published: May 22, 2026
Share
SHARE
  • गिरीश गुरुरानी

जमाने की बाते थीं

मालिक भी एक था, बादल भी एक थे।

बरसते मेघों से प्रकृति खिल उठती

आज तो दोस्तो,

कस्बे में, मोहल्ले में, चौराहे में

मालिक बैठते हैं

पानी बेचते हैं, कलेजा जल उठता।

हे मालिक, हे भगवन, हमारा नमन

तुम एक ही रहो,

दुनिया को मालिक न बनने दो

हमें आसरा दो, मालिकों से बचाओ।

बरसात तब भी थी, अब भी है

अन्तर इतना सा

कि सागर का पानी

पहले बरसता था, अब बिक रहा है

उफ! इसमें नशा भी है।

प्रकृति से प्रेरणा
बंगले की एक रात
निर्दय सावन
TAGGED:Divine-UnityHuman-GreedNature-ExploitationRain-PoetrySocial-CritiqueSpiritual-SanctuaryToxic-Modernity.Water-Commodity
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
Popular News
घटनाक्रमशब्द-सरोवर

निर्दय सावन

Girish Gururani
Girish Gururani
January 31, 2026
मोदी जी! छात्रों को भीड़ बनाने पर रोक लगाएं
देहरादून के खारा खेत में नमक बनाया और टाउन हाल में बेचा
कन्याकुमारी, सूर्योदय, विवेकानंद राक मैमोरियल, थिरुवल्लुवर स्टैच्यू
महात्मा गांधी के जन्म स्थान पोरबंदर से….
भारत कोकिला मंगेशकर युगों तक याद रहेंगी
उत्तराखंड में खेती बचाने के उपाय करने होंगे
प्रकृति से प्रेरणा
गढ़वाल-कुमाऊं और मैदान-पहाड़ का भेद करने वाले उत्तराखंड के हितैषी नहीं
बंगले की एक रात

Categories

  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • अपना शहर
  • राष्ट्रीय
  • किस्सा कोना
  • राजनीति
  • कृषि
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य

About The Editor

गिरीश गुरुरानी शिक्षा: कुमाऊं विश्वविद्यालय परिसर अल्मोड़ा। पूर्व स्थानीय संपादक, हिन्दुस्तान, उत्तराखंड। पूर्व डिप्टी एडिटर, अमर उजाला, हिमाचल। ईमेल: girishgururani99@gmail.com
Quick Link
  • Home
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Contact
Top Categories
  • किस्सा कोना
  • राजरंग
  • शब्द-सरोवर
  • लोकमंच
  • सैर सपाटा
© 2026, Girish Gururani Website Developed & Maintained by Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?