By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Girish GururaniGirish GururaniGirish Gururani
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • हमारा हिमालय
  • हिमाचल
  • घटनाक्रम
  • किस्सा कोना
  • राजरंग
  • शब्द-सरोवर
  • सुर-बेसुर
  • सैर सपाटा
  • वीडियो
  • More
    • शिक्षा
    • लोकमंच
  • संपर्क करे
Search
© 2026, Girish Gururani Website Developed & Maintained by Tech Yard Labs
Reading: महात्मा गांधी के जन्म स्थान पोरबंदर से….
Share
Font ResizerAa
Girish GururaniGirish Gururani
Search
  • होम
  • हमारा हिमालय
  • हिमाचल
  • घटनाक्रम
  • किस्सा कोना
  • राजरंग
  • शब्द-सरोवर
  • सुर-बेसुर
  • सैर सपाटा
  • वीडियो
  • More
    • शिक्षा
    • लोकमंच
  • संपर्क करे
Follow US
Girish Gururani > Blog > घटनाक्रम > महात्मा गांधी के जन्म स्थान पोरबंदर से….
घटनाक्रम

महात्मा गांधी के जन्म स्थान पोरबंदर से….

Girish Gururani
Last updated: January 31, 2026 9:13 am
Girish Gururani
Published: January 30, 2026
Share
SHARE

उस सुबह 8.15 बजे हम पोरबंदर के ऐतिहासिक घर के भीतर दाखिल हो चुके थे। तीन मंजिला इमारत के भूतल का कक्ष, जिसे देखने की लालसा लंबे अरसे से मन में हिलोरे मार रही थी। हम दोनों उसी कमरे में श्रद्धांजलि की मुद्रा में खड़े थे। कमरे के खास हिस्से की लकड़ी के जंगले से घेराबंदी करके वहां स्वास्तिक का निशान बनाया गया है। स्वास्तिक वाले स्थान पर ही मोहनदास करमचंद गांधी ने 2 अक्तूबर 1869 को जन्म लिया था।

http://girishgururani.com/wp-content/uploads/2026/01/013001_1769774999787.mp4

मेरी पत्नी माया और मैंने उस कक्ष के अलावा परिसर के कई फोटो और वीडियो मोबाइल में कैद कर लिए। यह इमारत संरक्षित श्रेणी में शामिल है। लेकिन फोटो बनाने पर पाबंदी नहीं है। परिसर को कीर्ति मंदिर नाम से जाना जाता है। सुरक्षाकर्मी निमेश ने हमें बताया कि कस्तूरबा गांधी का पैतृक घर और जन्म स्थान पास में ही दो-तीन घर छोड़कर है। इसके बाद हम कस्तूरबा गांधी का पैतृक घर देखने गए।
कीर्तिमंदिर की सुरक्षा और रखरखाव में लगाए गए लोग बेहद शालीन हैं। रघुपति राघव राजा राम ….. की धुन के बीच ज्यादातर लोग मौन सेवा करते दिखे। थोड़ी देर की मुलाकात और काम में व्यस्त लोगों से कम संवाद के बावजूद उनके व्यवहार ने प्रभावित किया।

पोरबंदर के कीर्ति मंदिर में स्वस्तिक वाले स्थान पर जन्मे थे महात्मा गांधी। पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि।

परिसर के बाहर मिलीं सफाई कर्मचारी मंजुला कहती हैं- गांधीजी के जन्म स्थान को देखने के लिए दुनिया के लोग आते हैं, अच्छा लगता है। कीर्तिमंदिर से कुछ दूरी पर एक छोटी कार पार्किंग है। दूसरे छोर पर जीरा (स्थानीय उत्पाद), मसाले और खाने-पीने के सामान की दुकान सजाए जिग्नेश ने अपना अनुभव बताते हुए कहा- बापू का जन्म स्थान देखने सबसे ज्यादा केरल और महाराष्ट्र के पर्यटक आते हैं। मैंने मोबाइल की स्क्रीन पर नजर डाली, नौ बज चुके थे। हम पोरबंदर से विदा लेकर द्वारका की तरफ बढ़ने के लिए कार में सवार हो गए।

सफर के दौरान हम काफी देर तक उस हस्ती की चर्चा करते रहे, जिस साधन सम्पन्न बैरिस्टर ने देश की आजादी के लिए अपना सुख और सर्वस्व त्याग दिया। जो न केवल आजादी के आंदोलन का नायक था बल्कि स्वावलंबन, ग्राम स्वराज, अहिंसा, सामाजिक सदभाव, धार्मिक सहिष्णुता, एकता और आपसी भाईचारे की राह दिखाने वाला महानतम व्यक्तित्व था। इसीलिए उन्हें महात्मा की उपाधि दी गई। मोहन दास करमचंद गांधी समुद्रतटीय कस्बे पोरबंदर में जन्मे थे। उनका ह्दय समुद्र की तरह विशाल था, जिसमें बिना भेदभाव के छोटे-बड़े सभी नदी और नालों के समाने जाने की जगह थी। गांधी हमारे बीच नहीं हैं, उनके विचार और दर्शन तो है।

गुजरात के पोरबंदर में इसी घर में मोहन दास करमचंद गांधी का जन्म हुआ था। पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि।

संसाधनों को लेकर उन्होंने कहा था, “प्रकृति के पास हर व्यक्ति की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन किसी एक व्यक्ति के लालच को पूरा करने के लिए नहीं।” सर्वोदय की भावना से परिपूर्ण उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे। सह-अस्तित्व, सामाजिक सद्भाव और सहिष्णुता के लिए गांधी आज भी आदर्श हैं, हमेशा रहेंगे। पुण्य तिथि पर girishgururani.com की विनम्र श्रद्धांजलि।
(लेखक ने पिछले माह पोरबंदर की यात्रा की थी।)

प्रकृति से प्रेरणा
निर्दय सावन
देहरादून के खारा खेत में नमक बनाया और टाउन हाल में बेचा
कन्याकुमारी, सूर्योदय, विवेकानंद राक मैमोरियल, थिरुवल्लुवर स्टैच्यू
TAGGED:BapuBirthplaceOfGandhiFatherOfTheNationGandhiCircuitGandhiJayantiGujaratTourismHeritageSiteIncredibleIndiaKasturbaGandhiMahatmaGandhiPorbandar
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
Popular News
घटनाक्रमशब्द-सरोवर

निर्दय सावन

Girish Gururani
Girish Gururani
January 31, 2026
देहरादून के खारा खेत में नमक बनाया और टाउन हाल में बेचा
महात्मा गांधी के जन्म स्थान पोरबंदर से….
उत्तराखंड में खेती बचाने के उपाय करने होंगे
कन्याकुमारी, सूर्योदय, विवेकानंद राक मैमोरियल, थिरुवल्लुवर स्टैच्यू
प्रकृति से प्रेरणा
गढ़वाल-कुमाऊं और मैदान-पहाड़ का भेद करने वाले उत्तराखंड के हितैषी नहीं
भारत कोकिला मंगेशकर युगों तक याद रहेंगी

Categories

  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • अपना शहर
  • राष्ट्रीय
  • किस्सा कोना
  • राजनीति
  • कृषि
  • पर्यटन
  • पर्यावरण
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य

About The Editor

गिरीश गुरुरानी शिक्षा: कुमाऊं विश्वविद्यालय परिसर अल्मोड़ा। पूर्व स्थानीय संपादक, हिन्दुस्तान, उत्तराखंड। पूर्व डिप्टी एडिटर, अमर उजाला, हिमाचल। ईमेल: girishgururani99@gmail.com
Quick Link
  • Home
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Contact
Top Categories
  • किस्सा कोना
  • राजरंग
  • शब्द-सरोवर
  • लोकमंच
  • सैर सपाटा
© 2026, Girish Gururani Website Developed & Maintained by Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?